वह कोशिकांग जहाँ प्रकाश संश्लेषण की अभिक्रिया सम्पन्न होती है, हरितलवक (chloroplast) कहलाता है। पेड़-पौधों के सभी हरे भागों तथा पत्तियों में हरितलवक पाया जाता है। उच्चश्रेणी के पादपों में हरितलवक पर्णमध्योतक कोशिकाओं (Mesophyle cells) में उपस्थित रहता है। पत्ती की एक कोशिका में 20-40 हरितलवक पाये जाते हैं। प्रत्येक हरितलवक लाइपोप्रोटीन की दो एकक झिल्लियों (unit memberanes) द्वारा घिरा रहता है। इन दोनों झिल्लियों के मध्य परिकला अवकाश पाया जाता है। बाह्यकला प्रोटॉनों के प्रति पारगम्यता तथा आन्तरिक कला प्रोटॉनों के प्रति अपारगम्य होती है। हरितलवक के दो आन्तरिक भाग होते हैं, जिन्हें ग्रेना (Grana) एवं स्ट्रोमा (Stroma) कहा जाता है। स्ट्रोमा या पीठिका हरितलवक का मैट्रिक्स भाग होता है, जिसमें प्रोटीनयुक्त विषमांगी तरल पदार्थ विद्यमान रहते हैं। इसमें 70S राइबोसोम, द्विकुण्डलित DNA, आस्पियोफिलिक बूंदें घुलित लवण एवं एन्जाइम पाये जाते हैं।
जल संसाधन — 20 अति महत्वपूर्ण प्रश्नों की बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 भूगोल — मास्टर नोटबुक चैप्टर टेस्ट अध्याय 3: जल संसाधन 20 अति महत्वपूर्ण एवं विस्तृत प्रश्नों की ऑब्जेक्टिव परीक्षा · कुल अंक: 20 🎫 प्रवेश पत्र (Admit Card) परीक्षा शुरू करने से पहले अपना विवरण भरें। छात्र का नाम कृपया अपना नाम दर्ज करें। कक्षा कृपया अपनी कक्षा दर्ज करें। पाठ्यक्रम: अध्याय 3: जल संसाधन (कक्षा 10 भूगोल) — जल दुर्लभता के कारण, जल संरक्षण व प्रबंधन, अटल भूजल योजना व जल जीवन मिशन (JJM), प्राचीन भारत में जलीय कृतियाँ (श्रिगंवेरा, भोपाल झील, हौज खास), बहु-उद्देशीय नदी परियोजनाएँ व बाँध (भाखड़ा नांगल, हीराकुड, सरदार सरोवर), जवाहरलाल नेहरू के विचार, बहुउद्देशीय योजनाओं के दुष्प्रभाव व अंतर्राज्यीय जल विवाद (कृष्णा-गोदावरी विवाद), तथा वर्षा जल संग्रहण की पारंपरिक विधियाँ (गुल/कुल, खादीन-जोहड़, टाँका/पालर पानी, शिलांग, गंडाथूर एवं बाँस ड्रिप सिंचाई प्रणाली)। ...
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