पाठ 2: वन एवं वन्य जीव संसाधन (Forest and Wildlife Resources)
🔹 1. भारत में वनस्पतियाँ एवं प्राणीजगत (Flora and Fauna in India)
वनस्पतियाँ (Flora) : देश में पाई जाने वाली सभी स्वदेशी एवं विदेशी पादप प्रजातियाँ।
प्राणीजगत (Fauna) : सभी जीव-जंतु, पक्षी, कीट, सरीसृप, स्तनधारी आदि।
भारत जैव विविधता (biodiversity) से भरपूर देश है — यहाँ 47,000 से अधिक पौधों की प्रजातियाँ तथा 89,000 से अधिक जीव-जंतुओं की प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
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🔹 2. वनों एवं वन्य जीवन का संरक्षण (Conservation of Forest and Wildlife in India)
वनों एवं जीवों के विनाश के कारण:
1. वनों की कटाई (निर्माण, खेती, लकड़ी हेतु)
2. अवैध शिकार (poaching)
3. औद्योगीकरण व शहरीकरण
4. खनन गतिविधियाँ
5. कृषि विस्तार
संरक्षण के उपाय:
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 लागू किया गया।
राष्ट्रीय उद्यान (National Parks) और अभयारण्य (Sanctuaries) की स्थापना।
जैवमंडल रिजर्व (Biosphere Reserves) बनाए गए।
अवैध शिकार पर नियंत्रण और शिक्षा के माध्यम से जन-जागरूकता।
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🔹 3. वन एवं वन्य जीव संसाधनों के प्रकार व वितरण (Types and Distribution of Forest and Wildlife Resources)
प्रमुख वनों के प्रकार:
1. उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन: अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में, जैसे — पश्चिमी घाट, अंडमान।
2. उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन: उत्तर और मध्य भारत में।
3. कांटेदार वन: राजस्थान, गुजरात जैसे शुष्क क्षेत्रों में।
4. पर्वतीय वन: हिमालयी क्षेत्र में ऊँचाई के अनुसार विविधता।
5. मैंग्रोव वन: डेल्टा क्षेत्रों में — सुंदरबन आदि।
वन्यजीवों का वितरण:
गंगा के मैदानी भागों में — हाथी, बाघ, गैंडा।
राजस्थान — ऊँट, चीतल, ब्लैकबक।
हिमालय — हिम तेंदुआ, कस्तूरी मृग।
पश्चिमी घाट — शेर, भालू, पक्षी प्रजातियाँ।
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🔹 4. समुदाय और संरक्षण (Community and Conservation)
कई स्थानीय समुदाय वनों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
चिपको आंदोलन — उत्तराखंड में पेड़ों की कटाई के खिलाफ जन आंदोलन।
सरकार एवं समुदाय की साझेदारी — संयुक्त वन प्रबंधन (Joint Forest Management - JFM) नीति 1988 से लागू।
बिश्नोई समुदाय (राजस्थान) — पर्यावरण व जीव संरक्षण में प्रसिद्ध।
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✍️ संक्षेप में मुख्य बिंदु याद रखने हेतु:
विषय मुख्य तथ्य
वनस्पतियाँ व प्राणी भारत में जैव विविधता अधिक
खतरे वनों की कटाई, शिकार, शहरीकरण
संरक्षण कानून, राष्ट्रीय उद्यान, समुदाय
वन प्रकार सदाबहार, पर्णपाती, कांटेदार, पर्वतीय, मैंग्रोव
स्थानीय प्रयास चिपको, बिश्नोई, JFM
🔷 A. अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)
1. प्रश्न: भारत में जैव विविधता की कितनी पादप प्रजातियाँ पाई जाती हैं?
उत्तर: लगभग 47,000।
2. प्रश्न: चिपको आंदोलन का संबंध किससे है?
उत्तर: वनों की कटाई के विरोध और संरक्षण से।
3. प्रश्न: वन्य जीव संरक्षण अधिनियम कब लागू किया गया?
उत्तर: वर्ष 1972 में।
4. प्रश्न: भारत का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन कौन-सा है?
उत्तर: सुंदरबन (पश्चिम बंगाल)।
5. प्रश्न: संयुक्त वन प्रबंधन (JFM) नीति कब लागू हुई?
उत्तर: 1988 में।
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🔷 B. लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
1. प्रश्न: जैव विविधता का क्या अर्थ है?
उत्तर: किसी क्षेत्र में पाई जाने वाली वनस्पतियों (फ्लोरा) और प्राणियों (फॉना) की विविधता को जैव विविधता कहते हैं।
2. प्रश्न: चिपको आंदोलन क्या था?
उत्तर: यह 1970 के दशक में उत्तराखंड में शुरू हुआ एक जन आंदोलन था, जिसमें ग्रामीण महिलाएँ पेड़ों से चिपककर उनकी कटाई का विरोध करती थीं।
3. प्रश्न: वनों की कटाई के दो प्रमुख कारण बताइए।
उत्तर:
1. कृषि के लिए भूमि की सफाई
2. लकड़ी और ईंधन हेतु अत्यधिक कटाई
4. प्रश्न: वन्यजीवों के संरक्षण हेतु दो उपाय बताइए।
उत्तर:
1. राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य की स्थापना
2. अवैध शिकार पर नियंत्रण
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🔷 C. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
1. प्रश्न: भारत में वनों के प्रमुख प्रकारों को समझाइए।
उत्तर:
1. उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन — जैसे पश्चिमी घाट में
2. उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन — जैसे मध्य भारत में
3. कांटेदार वन — राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में
4. पर्वतीय वन — हिमालय में
5. मैंग्रोव वन — गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा (सुंदरबन)
2. प्रश्न: समुदायों की वन संरक्षण में क्या भूमिका रही है?
उत्तर:
बिश्नोई समुदाय राजस्थान में हिरणों और वृक्षों की रक्षा करता है।
चिपको आंदोलन में ग्रामीणों ने पेड़ों से चिपककर कटाई रोकी।
JFM (संयुक्त वन प्रबंधन) के अंतर्गत गाँवों को संरक्षण में भागीदारी दी गई।
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🔷 D. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
1. प्रश्न: भारत में वन्य जीवों को खतरा क्यों है? इसके संरक्षण हेतु क्या उपाय किए गए हैं?
उत्तर:
✅ खतरे के कारण:
वनों की कटाई
शहरीकरण व औद्योगीकरण
अवैध शिकार
खेती और खनन का विस्तार
✅ संरक्षण उपाय:
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972
राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, बायोस्फीयर रिज़र्व
शिक्षा व जन-जागरूकता
JFM और स्थानीय समुदायों की भागीदारी
2. प्रश्न: भारत में वनस्पतियों और प्राणियों की विविधता का महत्व समझाइए।
उत्तर:
पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखना
ऑक्सीजन का उत्पादन व कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण
औषधीय पौधों का संरक्षण
सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
आर्थिक दृष्टि से — लकड़ी, जड़ी-बूटी, पर्यटन
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🔷 E. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. भारत में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम कब लागू हुआ?
A) 1965
B) 1972 ✅
C) 1985
D) 1990
2. सुंदरबन किस प्रकार के वनों के लिए प्रसिद्ध है?
A) पर्वतीय वन
B) कांटेदार वन
C) मैंग्रोव वन ✅
D) पर्णपाती वन
3. चिपको आंदोलन की शुरुआत किस राज्य में हुई थी?
A) राजस्थान
B) उत्तर प्रदेश
C) उत्तराखंड ✅
D) मध्य प्रदेश
4. भारत में कुल कितनी जैव विविधता पाई जाती है?
A) 10,000
B) 20,000
C) 1,00,000
D) 1,36,000 से अधिक ✅
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