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छठी शताब्दी ईस्वी से सोने के सिक्के मिलने कम क्यों हो गए ?

 छठी शताब्दी ई. से सोने के सिक्के मिलने कम हो गए। क्या इससे यह संकेत मिलता है कि उस काल में कुछ आर्थिक संकट पैदा हो गया था? इतिहासकारों में इसे लेकर मतभेद है। कुछ का कहना है कि रोमन साम्राज्य के पतन के बाद दूरवर्ती व्यापार में कमी आई जिससे उन राज्यों, समुदायों और क्षेत्रों की संपन्नता पर असर पड़ा जिन्हें दूरवर्ती व्यापार से लाभ मिलता था। अन्य का कहना है, कि इस काल में नए नगरों और व्यापार के नवीन तंत्रों का उदय होने लगा था। उनका यह भी कहना है कि यद्यपि इस काल के सोने के सिक्कों का मिलना तो कम हो गया लेकिन अभिलेखों और ग्रंथों में सिक्के का उल्लेख होता रहा है। क्या इसका अर्थ यह हो सकता है कि सिक्के इसलिए कम मिलते हैं क्योंकि वे प्रचलन में थे और उनका किसी ने संग्रह करके नहीं रखा था।

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मेरुरज्जु (Spinal Cord)

मेरुरज्जु (Spinal Cord) मेडुला आब्लोगेटा का पिछला भाग मेरुरज्जु कहलाता है  मेरूरज्जु के चारो और भी मस्तिष्क के समान तीन स्तरों (ड्यूरामेटर, एरेकनायड,और पायमेटर) का आवरण पाया जाता है। मेरुरज्जु बेलनाकार, खोखली होती है। मेरुरज्जु के मध्य मै एक सकरी नाल पायी जाती है जिसे केंद्रीय नाल कहते है इस नाल में द्रव भरा होता है जिसे सेरिब्रोस्पाइनल द्रव कहते है। मेरुरज्जु के अंदर वाला भाग धूसर पदार्थ का तथा बाहरी स्तर को श्वेत पदार्थ का बना होता है। मेरुरज्जु के कार्य-- यह प्रतिवर्ती क्रियाओ का नियंत्रण एवं समन्वय का कार्य करती है। यह मस्तिष्क से आने जाने वाले उद्दीपनों का संवहन करता है।