सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

प्रतिजन और प्रतिरक्षी (Antigen and Antibody)

प्रतिजन और प्रतिरक्षी (Antigen and Antibody)
    प्रतिजन(antigen) -प्रतिजन वह बाहरी रोगाणु या पदार्थ होता है जो जीव के शरीर मे प्रवेश होने के बाद शरीर की बी-लसिका कोशिका को प्लाज्मा कोशिका में बदल देता है और ये प्लाज्मा कोशिका प्रतिजन के विरुद्ध प्रतिरक्षी का निर्माण करती है ।
   *अतः प्रतिजन वह बाहरी पदार्थ है जिसका आण्विक भार 6000 डाल्टन या उससे ज्यादा होता है ।
   *ये प्रतिजन प्रोटीन ,पोलिसेकेराइड,लिपिड ,शर्करा या न्यूक्लिक अम्ल के संघटन से बने हो सकते है।
   *प्रतिजन अणु पर वह स्थान जो प्रतिरक्षी से जुड़ता है एंटीजनी निर्धारक या एपिटोप कहलाता है

   *प्रतिरक्षी (antibody) - यह वह प्रोटीन होती है जो बी -लसिका कोशिकाओं द्वारा प्रतिजन के कारण बनती है।
   *प्रतिरक्षी को इम्युनोग्लोबिन Ig भी कहा जाता है
   *प्रतिरक्षी का निर्माण प्लाज्मा कोशिकाओं द्वारा होता है
   *प्रतिरक्षी का वह भाग जो प्रतिजन से मिलता है पेरिटोप कहलाता है।
   

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रश्न उत्तर टेस्ट

प्रश्न-उत्तर ऐप 🧠 प्रश्न-उत्तर ऐप EN 📝 क्विज़ 🤖 AI से पूछें 🤖 कोई भी सवाल पूछें — परीक्षा कॉपी जैसा जवाब भेजें

मेरुरज्जु (Spinal Cord)

मेरुरज्जु (Spinal Cord) मेडुला आब्लोगेटा का पिछला भाग मेरुरज्जु कहलाता है  मेरूरज्जु के चारो और भी मस्तिष्क के समान तीन स्तरों (ड्यूरामेटर, एरेकनायड,और पायमेटर) का आवरण पाया जाता है। मेरुरज्जु बेलनाकार, खोखली होती है। मेरुरज्जु के मध्य मै एक सकरी नाल पायी जाती है जिसे केंद्रीय नाल कहते है इस नाल में द्रव भरा होता है जिसे सेरिब्रोस्पाइनल द्रव कहते है। मेरुरज्जु के अंदर वाला भाग धूसर पदार्थ का तथा बाहरी स्तर को श्वेत पदार्थ का बना होता है। मेरुरज्जु के कार्य-- यह प्रतिवर्ती क्रियाओ का नियंत्रण एवं समन्वय का कार्य करती है। यह मस्तिष्क से आने जाने वाले उद्दीपनों का संवहन करता है।