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ईंट मनके अस्थियाँ प्रश्नोत्तरी

ईंट, मनके तथा अस्थियाँ (हड़प्पा सभ्यता)

अति महत्वपूर्ण 30 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी

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विषाणु व जीवाणु में क्या अंतर है।

जीवाणु एक कोशिकिय जीव है, जबकी विषाणु अकोशिकिय होता है। जीवाणु सुसुप्त अवस्था मे नहीं रहते है, जबकी विषाणु जीवित कोशिका के बाहर सुसुप्त अवस्था मे हजारों साल तक रह सकते है और जब भी इन्हें जीवित कोशिका मिलती है ये जीवित हो जाते है। जीवाणु बैक्टीरिया है, जबकी विषाणु  वायरस  हैं।  विषाणु पर एन्टीबायोटिक दवाओं का असर नही होता है।

छठी शताब्दी ईस्वी से सोने के सिक्के मिलने कम क्यों हो गए ?

  छठी शताब्दी ई. से सोने के सिक्के मिलने कम हो गए। क्या इससे यह संकेत मिलता है कि उस काल में कुछ आर्थिक संकट पैदा हो गया था? इतिहासकारों में इसे लेकर मतभेद है। कुछ का कहना है कि रोमन साम्राज्य के पतन के बाद दूरवर्ती व्यापार में कमी आई जिससे उन राज्यों, समुदायों और क्षेत्रों की संपन्नता पर असर पड़ा जिन्हें दूरवर्ती व्यापार से लाभ मिलता था। अन्य का कहना है, कि इस काल में नए नगरों और व्यापार के नवीन तंत्रों का उदय होने लगा था। उनका यह भी कहना है कि यद्यपि इस काल के सोने के सिक्कों का मिलना तो कम हो गया लेकिन अभिलेखों और ग्रंथों में सिक्के का उल्लेख होता रहा है। क्या इसका अर्थ यह हो सकता है कि सिक्के इसलिए कम मिलते हैं क्योंकि वे प्रचलन में थे और उनका किसी ने संग्रह करके नहीं रखा था।

भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठ(चोल प्रशासन)

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भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठ दक्षिणी भारत चोल प्रशासन कला व साहित्य

  अध्याय 2 भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठ चेप्टर 3- दक्षिण भारत: चोल प्रशासन, कला व साहित्य  Q 1. चोलकालीन स्थानीय स्वायत्तता पर टिप्पणी लिखिए। उत्तर:.   चोल प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता ग्रामीण एवं नगरीय स्तर पर स्थानीय स्वायत्तता की व्यवस्था थी जो प्रतिनिधि संस्थाओं, उर, सभा, महासभा एवं नगरम् के द्वारा संचालित होता था। इनके सदस्यों के लिए शैक्षणिक, आर्थिक और नैतिक योग्यताएँ अनिवार्य थीं। इन निर्वाचित सदस्यों को पेरु मक्कल कहा जाता था। सदस्य समितियाँ जिन्हें वारियम कहा जाता था, के माध्यमसे सिंचाई व्यवस्था, भूमि विवरण, लगान एवं करों की वसूली, मंदिरों की देखरेख, न्याय आदि प्रशासनिक कार्यों की देखभाल होती थी। उर सामान्य वयस्क पुरुष करदाताओं की सभा थी, जबकि सभा महासभा में सिर्फ ब्राह्मण सदस्य होते थे। इनको आन्तरिक स्वायत्तता प्राप्त थी। केन्द्रीय हस्तक्षेप न के बराबर था। वस्तुतः ग्राम लघु गणतंत्र ही थे। इस प्रकार चोल प्रशासन सुसंगठित एवं कार्यकुशल शासन था। Q 2.  चोलों के केन्द्रीय प्रशासन पर टिप्पणी लिखिए। उत्तर:.   चोल शासन का स्वरूप राजतन्त्रात्म...

1K व 1M तथा 1B का मतलब क्या है।

यूट्यूब ,फेसबुक, ट्यूटर आदि सोशल मीडिया साइट पर देखने वाले (Views) की संख्या को देखा जाता है K,M व B में दिखाई देती है। 1K का अर्थ है 1000(हजार) 1M का अर्थ है 1000000(दस लाख) 1B का अर्थ है 1000000000(सौ करोड़ या एक अरब)    जैसे लिखा है 4k तो अर्थ है 4000,                       4.5k अर्थ है 4500 इसी प्रकार 7M लिखा है तो अर्थ होगा 7000000 (70लाख) इसी प्रकार 5B लिखा है तो अर्थ होगा  5000000000(500 करोड़ या 5 अरब)

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स्वर्णिम भारत (प्रारम्भ से 1206 ईं तक) --मौर्यकाल व 16 महाजनपद

* उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में समुद्र तक फैला यह उपमहाद्वीप भारत वर्ष के नाम से जाना जाता है * भारत को महाकाव्य  तथा पुराणों में 'भारतवर्ष' अथवा 'भरत का देश' कहा गया  है। *यूनानियों ने इसे 'इंडिया' नाम दिया। *मुस्लिम इतिहासकारो ने इसे हिन्द अथवा हिन्दुस्तान नाम दिया था। *इतिहास एवं संस्कृति अपने आरम्भिक काल से ही गौरवपूर्ण रही है । भारत विश्व गुरु ' तथा ' सोने को चिड़िया कहलाता था ।  • सिन्धु - सरस्वती सभ्यता , वैदिक सभ्यता , रामायण व महाभारतकालीन सभ्यता एवं संस्कृति का काल भी भारत का स्वर्णिम काल रहा है ।  • सिन्धु - सरस्वती सभ्यता स्थापत्य कला की दृष्टि से एक उत्कृष्ट सभ्यता थी ।  • भारत के विभिन्न आदर्श एवं नीति ग्रन्थों के रूप में रामायण व महाभारत प्रसिद्ध रहे हैं । महाजनपद काल ( 600 - 325 ई0 पू0 )  • हमारा महाजनपद काल गणतंत्रात्मक तथा संवैधानिक व्यवस्था का आदर्श रहा है ।  • उत्तर वैदिक काल में हमें विभिन्न जनपदों का अस्तित्व दिखाई देता है । ईसा पूर्व छठी शताब्दी तक आते - आते जनपद , महाजनपदों के रूप में विकसित हो गए ।  . बौद्ध ग्रन्थ...